शपथपत्र में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा की स्थिति छिपाने से जुड़ा मामला, विभागीय जांच के आदेश
गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज/गिरधर कुमार/बतौली/सरगुजा:-
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्रीमती सीमा कुशवाहा को अनुकंपा नियुक्ति भर्ती में दी गई भ्रामक जानकारी व जांच समिति द्वारा प्रारंभिक जांच के दरमियान सहायक ग्रेड 03 सीमा कुशवाहा द्वारा परिवार में शासकीय/अर्धशासकीय नौकरी पर नहीं होने की घोषणा की गई थी ।

अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में शिकायत और प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्रीमती सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में नियमित विभागीय जांच भी की जाएगी। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड मैनपाट से मिली शिकायत के बाद कार्यालयीन आदेश के तहत जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख, आवेदन, शपथपत्र, पारिवारिक विवरण और सेवा अभिलेखों का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के बाद श्रीमती सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, नियुक्ति के लिए 05 मई 2017 को प्रस्तुत शपथपत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय अथवा अर्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी। वहीं, उपलब्ध अभिलेखों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति का उल्लेख पाया गया। इसी बिंदु को लेकर नियुक्ति की पात्रता और शपथपत्र में किए गए कथन की जांच की जा रही है।
नियमों के तहत हुई कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में इस प्रकरण को छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जून 2013 के पत्र तथा तत्समय प्रभावशील संशोधनों के प्रावधानों से संबंधित बताया गया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के तहत भी मामले का परीक्षण किया गया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनके विरुद्ध नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच संस्थित की जाएगी। इसके लिए पृथक से आरोप-पत्र जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
जांच के बाद तय होगी नियुक्ति की वैधता
निलंबन अवधि में श्रीमती कुशवाहा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अंतरिम प्रशासनिक कार्रवाई है, इसे आरोपों की अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाएगा।
अनुकंपा नियुक्ति की वैधता और पात्रता पर अंतिम निर्णय विभागीय जांच के निष्कर्षों तथा संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।
Author: gatimanexpress24news
गिरधर कुमार(मुख्य संपादक) गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज, नवभारत संवाददाता रघुनाथपुर सरगुजा, ब्यूरो चीफ सरगुजा:-सरगुजा संदेश मोबाइल नंबर:-6261256553 ई मेल-kumargirdhar8@gmail.com







