शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नियमों के अनुसार प्रतिबंधित
बच्चों को शारीरिक या मानसिक दंड देना कानूनन अपराध
गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज/गिरधर कुमार/सीतापुर/सरगुजा:-
सरगुजा जिला के सीतापुर विकासखंड क्षेत्रान्तर्गत ग्राम प्रतापगढ़ में डी ए वी पब्लिक विद्यालय की गुतुरमा निवासी कक्षा 2री की छात्रा के साथ उक्त विद्यालय की शिक्षिका नम्रता गुप्ता द्वारा शिक्षक दिवस से 2 दिन पूर्व छात्रा द्वारा विद्यालय से बाहर देखे जाने से नाराज होकर मासूम छात्रा को डंडे से पीटने और 100 बार उठक बैठक करने की सजा दिए जाने का अभिभावकों का आरोप है ।

छात्रा का रो रो कर हुआ बुरा हाल,स्वयं के कदम पर भी सही तरीकेसे खड़ी नहीं हो पा रही है छात्रा…..
उक्त सजा के पश्चात छात्रा की स्थिति काफी गंभीर हो गई । जहाँ एक ओर उक्त सजा के पश्चात 2री कक्षा की छात्रा का दर्द से तड़पते हुवे व रो रो कर बुरा हाल है वही दूसरी ओर मासूम छात्रा के मांसपेशियों में खिंचाव के कारण अपने पैरों पर सही तरीके से खड़ी भी नहीं हो पा रही है । उक्त घटना के पश्चात छात्रा डरी सहमी सी नजर आ रही है ।
जब उक्त मामले की जानकारी छात्रा के अभिभावकों को प्राप्त हुई तो अभिभावकों को दर्द से कराहती अपनी बच्ची को देखा नहीं गया व रोती बिलखती छात्रा को लेकर उक्त मामले की शिकायत दर्ज कराने सीतापुर के पुलिस थाना में व आज जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा व पुलिस अधीक्षक सरगुजा के पास डी ए वी विद्यालय प्रतापगढ़ सीतापुर की उक्त शिक्षिका नम्रता गुप्ता पर वैधानिक दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई ।
(इंदु तिर्की,विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीतापुर)
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीतापुर इंदु तिर्की से जब उक्त मामला के संबंध में जानकारी जानना चाहा तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीतापुर इंदु तिर्की द्वारा उक्त मामले की 2 दिवस के भीतर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है । यदि शिक्षिका दोषी पाई जाती है तो शिक्षिका के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।

शिक्षिका नम्रता गुप्ता द्वारा 2री की छात्रा को दंडित किये जाने से छात्रा को मानसिक आघात पहुंचा है । छात्रा के अभिभावक द्वारा उक्त छात्रा का उपचार अम्बिकापुर के निजी अस्पताल में करवाया जा रहा है ।
नम्रता गुप्ता से जब उक्त मामला के संबंध में जानकारी पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर अगले दिन विद्यालय के समक्ष स्कूल में ही अपनी बात रखने की बात कही ।
अभिभावकों का आरोप है कि स्थानीय विद्यालय में 3री कक्षा की एक छात्रा को शिक्षिका ने कथित रूप से 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दी। इस घटना के बाद से विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली और शिक्षिका के व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं।
छात्रा को अनुशासनहीनता के चलते यह दंड दिया गया। हालांकि, इस मामले में विद्यालय प्रबंधन और संबंधित शिक्षिका का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना शारीरिक दंड की श्रेणी में आती है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतिबंधित है।
फिलहाल मामले की जांच की मांग उठ रही है और अभिभावकों ने शिकायत उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कही है। प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
Author: gatimanexpress24news
गिरधर कुमार(मुख्य संपादक) गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज, नवभारत संवाददाता रघुनाथपुर सरगुजा, ब्यूरो चीफ सरगुजा:-सरगुजा संदेश मोबाइल नंबर:-6261256553 ई मेल-kumargirdhar8@gmail.com









