सरेआम सरपंच संघ अध्यक्ष को दी जान से मारने की धमकी, पुलिस बनी मूकदर्शक!रेत माफियाओं की गुंडागर्दी चरम पर:
गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज/विजय लाल मरकाम/प्रेमनगर:-
आदिवासी समाज के निर्वाचित जनप्रतिनिधि को दी जातिसूचक गालियां, सुरक्षा पर मंडराया संकट!
प्रशासन को खुला चैलेंज: 7 दिन में गिरफ्तारी नहीं तो घिरेगा बसंतपुर थाना, उग्र आंदोलन के मूड में पूरा आदिवासी समाज! क्या छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में कानून का राज खत्म हो चुका है? क्या वहां वर्दीधारियों ने खुद को रेत माफियाओं के आगे सरेंडर कर दिया है? ये सवाल हम नहीं, बल्कि बलरामपुर के वाड्रफनगर का वो पूरा आदिवासी समाज पूछ रहा है, जिसके सब्र का बांध अब टूट चुका है!
मामला बेहद संगीन और चौंकाने वाला है। वाड्रफनगर जनपद पंचायत के सरपंच संघ अध्यक्ष और प्रेमनगर के निर्वाचित सरपंच, श्री राजनारायण सिंह प्रस्ते को क्षेत्र के बेखौफ बालू माफियाओं ने न सिर्फ जातिगत रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि सरेआम बीच सड़क पर जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली। हैरानी की बात देखिए… कानून को अपनी जेब में लेकर घूमने वाले इन गुंडों के खिलाफ बसंतपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है। लेकिन मजाल है कि पुलिस की सेहत पर कोई असर पड़े! दिन बीत गए, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आखिर क्यों? क्या बसंतपुर पुलिस इन माफियाओं की तिजोरी के आगे नतमस्तक है? सरपंच संघ ने खुलेआम आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन इन अवैध बालू माफियाओं को अपनी छाती से लगाकर मूक संरक्षण दे रहा है! अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। आदिवासी समाज और समस्त सरपंचों ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) को अल्टीमेटम सौंप दिया है। साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि इस मामले को SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कर, इन सफेदपोश गुंडों को 7 दिनों के भीतर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
और कान खोलकर सुन ले बलरामपुर प्रशासन… अगर 7 दिन के अंदर इन माफियाओं की कलाई में हथकड़ी नहीं लगी, तो पूरा जिला उग्र आंदोलन की आग में झुलसेगा। बसंतपुर थाने का घेराव होगा, चक्काजाम होगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ नाकाम पुलिस प्रशासन की होगी।






Author: gatimanexpress24news
गिरधर कुमार(मुख्य संपादक) गतिमान एक्सप्रेस 24 न्यूज, नवभारत संवाददाता रघुनाथपुर सरगुजा, ब्यूरो चीफ सरगुजा:-सरगुजा संदेश मोबाइल नंबर:-6261256553 ई मेल-kumargirdhar8@gmail.com







